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क्या आप मुंबई और बिहार के बीच हुए टेस्ट मैच के रोमांचक पलों को देख चुके हैं? इस खिलवार में हुआ धमाकेदार टकराव जानिए!

बिहार बनाम मुंबई रणजी मैच 2024 की अपडेट: पटना के मोइनुल स्टेडियम में बिहार और मुंबई के बीच रणजी मैच का आयोजन हुआ है। इस मैच में टॉस जीतकर बिहार ने फील्डिंग का निर्णय लिया है, लेकिन मैच से पहले ही कुछ उठा बौछार। वास्तव में, इस मैच के लिए बिहार की दो टीमें पहुंचीं हैं।

बिहार बनाम मुंबई रणजी ट्रॉफी मैच 2024 विवाद: पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में सालों बाद रणजी ट्रॉफी मैच खेला जा रहा है। मुंबई और बिहार के बीच एलीट ग्रुप के इस क्रिकेट मैच के पहले दिन ही स्टेडियम में शानदार रौनक दिखी।

हालांकि सोशल मीडिया पर मोइनुल हक स्टेडियम की कई तस्वीरें और वीडियोज वायरल हो रहे हैं, जिनमें स्टेडियम की स्थिति पर आलोचना की जा रही है। पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद ने भी एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने स्थानीय व्यवस्था की आलोचना की है।

इस मैच के लिए चर्चा में रहने वाली एक और बात है, जो है बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के भीतर हुए विवाद। यहां पर 5 जनवरी से शुरू हुए मुंबई के खिलाफ मैच को खेलने के लिए दो बिहार टीमें पहुंचीं थीं।

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) ने दो-दो टीमों की सूची जारी की है। BCA के अध्यक्ष राकेश तिवारी ने एक टीम की सूची जारी की है, जबकि बर्खास्त सचिव अमित कुमार ने दूसरी टीम की सूची जारी की है।

बीसीए के भीतर उठने लगा है यह विवाद कि इन दोनों टीमों में से कौन सी मुंबई के खिलाफ खेलेगी। सुबह में बीसीए की दोनों टीमें स्टेडियम के बाहर पहुंचीं, लेकिन सचिव दल को पुलिस ने सख्ती से उनकी बस में बैठा कर बाहर भेज दिया। इसके बाद बीसीए अध्यक्ष राकेश तिवारी ने जारी की गई सूची के खिलाड़ियों ने मैच में भाग लिया।

बीसीए के OSD पर हमला:

हालांकि, थोड़ी देर बाद कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने बीसीए के OSD मनोज कुमार पर हमला कर दिया, जिसमें उन्हें मारपीट का शिकार बना दिया गया। उनके साथ हुई मारपीट जैसी घटना की जानकारी सामने आई है। इसके बाद बीसीए द्वारा कहा गया कि सभी दोषियों की पहचान हो रही है और उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी, ताकि ऐसी घटना फिर से नहीं हो।

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन का विवाद:

पिछले कई सालों से बीसीए के भीतर ऐसे विवाद सामने आ रहे हैं, जिसमें खिलाड़ियों का चयन सवाल में है। बीसीए अध्यक्ष राकेश तिवारी द्वारा जारी टीम सूची और बर्खास्त सचिव द्वारा जारी टीम सूची आपको बता दी गई है।

अध्यक्ष की टीम:

आशुतोष अमन (कप्तान), हिमांशु सिंह, रवि शंकर, रिषभ राज, नवाज खान, विपुल कृष्णा, आकाश राज, बलजीत सिंह बिहारी, सरमन निगरोध, वीर प्रताप सिंह, साकिबुल गनी (उपकप्तान), बिपिन सौरभ (विकेटकीपर), बाबुल कुमार, सचिन कुमार सिंह, वैभव सूर्यवंशी।

सचिव की टीम:

इंद्रजीत कुमार (कप्तान), शशि आनंद, लाखन राजा, यशस्वी ऋषभ, प्रतीक कुमार, विक्रांत सिंह, हिमांशु हरि, शशि शेखर, वेदांत यादव, अभिनव कुमार, कमलेश कुमार सिंह, विश्वजीत गोपाला, प्रशांत श्रीवास्तव, दीपक राजा, अपूर्व आनंद (उपकप्तान), विकाश रंजन (विकेटकीपर), शशीम राठौड़, समर कुदारी, कुमार मृदुल, कुमार रजनीश।

मुंबई के खिलाफ बिहार की यह टीमें खेलने उतरीं: आशुतोष अमन (कप्तान), साकिबुल गनी, बिपिन सौरभ (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, बाबुल कुमार, आकाश राज, सचिन कुमार, वीर प्रताप सिंह, सरमन निगरोध, हिमांशु सिंह, नवाज खान।

मुंबई की प्लेइंग इलेवन टीम:

जय गोकुल बिस्टा, भूपेन लालवानी, सरफराज खान, शिवम दुबे, सुवेद पारकर, शम्स मुलानी (कप्तान), प्रसाद पवार (विकेटकीपर), रॉयस्टन डायस, अथर्व अंकोलेकर, तनुष कोटियन, मोहित अवस्थी।

मैच का पहला दिन इस रूप में बीता:

मुंबई के कप्तान अंजिक्य रहाणे मैच के लिए पहुंचे, लेकिन उन्होंने बेंच पर बैठने का निर्णय लिया। मैच शुरू होने से पहले, वे दर्शकों से मिलने स्टैंड के पास गए। टॉस को बिहार ने जीता और पहले फील्डिंग करने का निर्णय लिया। पहले दिन के खेल के समाप्त होने पर, मुंबई ने 67 ओवरों में 9 विकेट पर 235 रन बनाए थे। मुंबई के द्वारा भूपेन लालवानी ने सबसे अधिक 65 रन बनाए। इसके अलावा, तनुष कोटियान और सुवेद पारकर ने 50-50 रनों की पारी खेली।

स्टार बैट्समैन शिवम दुबे ने भी मुंबई के लिए 41 रनों की पारी खेली। बिहार की ओर से वीर प्रताप सिंह ने सबसे अधिक 4 विकेट हासिल किए, जबकि साकिबुल गनी और हिमांशु सिंह को दो-दो विकेट मिले। कप्तान आशुतोष अमन ने भी एक विकेट लिया।

पटना के स्टेडियम का इतिहास:

मोइनुल हक स्टेडियम का इतिहास बहुत सुनहरा है। इस स्टेडियम में मोइनुल हक ने 90 के दशक में तीन वनडे इंटरनेशनल मैच की मेजबानी की थी। सबसे पहला इंटरनेशनल मैच 1993 में जिम्बाब्वे और श्रीलंका के बीच खेला गया था, जिसमें श्रीलंका ने 55 रनों से जीत हासिल की थी। फिर 1996 के वर्ल्ड कप में 26 फरवरी को केन्या और जिम्बाब्वे के बीच एक मैच खेला गया, जिसका कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद 27 फरवरी 1996 को केन्या और जिम्बाब्वे के बीच एक और मैच खेला गया, जिसमें जिम्बाब्वे ने 5 विकेट से जीत हासिल की।

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